76 अरब डॉलर का निवेश समझौता वेनेज़ुएला के तेल बाज़ार में अमेरिका की वापसी का संकेत देता है।
वेनेज़ुएला में अमेरिकी पूँजी का अभूतपूर्व प्रवाह आने की तैयारी हो रही है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने कहा है कि देश का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में अपने तेल क्षेत्र में 76 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करना है।
इस आशावाद का आधार 61 निवेश समझौतों का एक व्यापक पैकेज है। इनमें सबसे प्रमुख अमेरिका के साथ हुआ द्विपक्षीय समझौता है, जिसके तहत 17 तेल क्षेत्रों का संयुक्त विकास किया जाएगा। इसके अलावा, लगभग 250 नए ड्रिलिंग रिग लगाने की योजना भी बनाई गई है।
विदेशी निवेशकों की ओर यह बड़ा बदलाव जनवरी में निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद संभव हुआ। ट्रंप प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से वेनेज़ुएला के ऊर्जा उद्योग में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की वापसी का समर्थन किया है।
वेनेज़ुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, लेकिन दशकों तक पर्याप्त निवेश न होने, सरकारी तेल कंपनी PDVSA में प्रबंधन संबंधी अव्यवस्था और अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों के कारण उसकी तेल उत्पादन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है।
अब सुधार के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे हैं। रोड्रिगेज़ के अनुसार, तेल-समृद्ध ज़ूलिया राज्य में तेल उत्पादन बढ़कर 70,000 बैरल प्रतिदिन से 3,70,000 बैरल प्रतिदिन हो गया है। सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक उत्पादन को लगभग 4,00,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुँचाना है।
अब काराकास के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि घोषित 76 अरब डॉलर का निवेश जर्जर तेल बुनियादी ढाँचे के सुधार पर वास्तव में खर्च हो और यह घोषणा केवल बयानबाज़ी बनकर न रह जाए।