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15.10.2026 05:55 AM
EUR/USD: सख्त मौद्रिक नीति के समर्थक हावी, सितंबर के CPI आँकड़े क्या संकेत देते हैं?

अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आँकड़े जारी होने के बाद विभिन्न बाजारों में डॉलर मजबूत हो रहा है। महँगाई के आँकड़े उम्मीद से अधिक रहे—कई घटक 'ग्रीन ज़ोन' में आए, जो हेडलाइन और कोर CPI, दोनों में तेजी को दर्शाते हैं।

इसका मतलब है कि महँगाई एक बार फिर बाजार की चर्चा के केंद्र में आ गई है, जबकि अमेरिकी श्रम बाजार की समस्याएँ फिलहाल पीछे चली गई हैं। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व की अक्टूबर में होने वाली बैठक का नतीजा अब पहले से तय नहीं माना जा रहा है। बाजार प्रतिभागी फिर से ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं।

साल के अंत तक ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी यानी अधिक सख्त मौद्रिक नीति अपनाए जाने की संभावना भी बढ़ गई है।

दूसरे शब्दों में, सितंबर के मजबूत CPI आँकड़ों ने कमजोर नॉनफार्म पेरोल्स (Nonfarm Payrolls) के प्रभाव को पीछे छोड़ दिया है और अमेरिकी डॉलर को एक बार फिर प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूती हासिल करने का मौका दिया है।

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इस रिपोर्ट के आँकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि बाजार में न केवल सख्त मौद्रिक नीति (Hawkish), बल्कि बेहद सख्त मौद्रिक नीति (Ultra-Hawkish) की उम्मीदें भी मजबूत हो रही हैं। सितंबर में अमेरिका में हेडलाइन उपभोक्ता महँगाई दर अगस्त के 3.4% से बढ़कर सालाना आधार पर 3.7% हो गई। जबकि बाजार का अनुमान 3.6% था। मासिक आधार पर सूचकांक में 0.6% की वृद्धि हुई, जबकि अगस्त में यह वृद्धि 0.4% थी। यह आँकड़ा अनुमान के अनुरूप रहा, लेकिन इसने महीने के दौरान कीमतों पर बढ़ते दबाव की पुष्टि की।

कोर CPI के आँकड़े भी उम्मीद से अधिक रहे। इसकी सालाना दर 2.4% से बढ़कर 2.6% हो गई, जबकि अधिकांश विश्लेषकों को इसके 2.5% रहने की उम्मीद थी। मासिक आधार पर वृद्धि 0.3% पर बनी रही, जबकि अनुमान था कि यह धीमी होकर 0.2% रह जाएगी।

अमेरिका में कोर महँगाई का लगातार ऊँचा बने रहना EUR/USD में तेजी की उम्मीद करने वाले खरीदारों के लिए एक अप्रिय आश्चर्य रहा।

सितंबर में महँगाई बढ़ने में ऊर्जा क्षेत्र की स्पष्ट रूप से बड़ी भूमिका रही। पेट्रोल की कीमतों में मासिक आधार पर 9.1% की उछाल आई, जो हेडलाइन CPI की मासिक वृद्धि के आधे से अधिक हिस्से के लिए जिम्मेदार थी। ऊर्जा घटक की महँगाई अगस्त के 2.1% से बढ़कर 5.2% हो गई।

हालाँकि, सितंबर में महँगाई में आई पूरी तेजी का कारण केवल मध्य पूर्व में पैदा हुआ संकट नहीं माना जा सकता, क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र के बाहर भी कीमतों का दबाव बढ़ा।

गैर-ऊर्जा क्षेत्रों में सबसे प्रमुख योगदान आवास क्षेत्र का रहा। यहाँ मासिक महँगाई पहले के 0.3% से बढ़कर 0.4% हो गई। किराये में 0.2% और मकान मालिकों के समतुल्य किराये (Owners' Equivalent Rent) में 0.3% की वृद्धि हुई, जबकि घर से दूर ठहरने की लागत में 2.0% की तेज उछाल आई।

ऊर्जा सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाओं की कीमतों में अगस्त की 0.3% वृद्धि के मुकाबले सितंबर में 0.4% की वृद्धि हुई। परिवहन सेवाएँ 0.6% महँगी हुईं और चिकित्सा सेवाओं की कीमतों में 0.3% की वृद्धि हुई, जबकि पिछले महीने इनमें 0.2% की गिरावट आई थी।

इससे संकेत मिलता है कि कोर महँगाई को कई अलग-अलग क्षेत्रों से समर्थन मिल रहा था।

वस्तुओं की कीमतों के आँकड़े भी सख्त मौद्रिक नीति के समर्थकों के पक्ष में रहे। खाद्य पदार्थों और ऊर्जा को छोड़कर अन्य वस्तुओं की कीमतों में अगस्त की 0.1% वृद्धि के मुकाबले सितंबर में 0.3% की वृद्धि हुई। इस्तेमाल की गई कारों की कीमतों में 0.7% और कपड़ों की कीमतों में 0.3% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं, खाद्य पदार्थों की कुल कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई और किराना सामान की कीमतों में तो 0.1% की मामूली गिरावट आई। लेकिन कीमतों को नियंत्रित करने वाले ये कारक कोर श्रेणियों में बढ़ते महँगाई दबाव की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।

हाल के कारोबारी सर्वेक्षणों से पता चलता है कि महँगाई बढ़ने के कारण केवल तेल की कीमतों में आए झटके तक सीमित नहीं हैं। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियाँ आयात शुल्क, स्टील और एल्युमीनियम की बढ़ती लागत तथा कुछ इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों की कमी की ओर इशारा कर रही हैं।

सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने ईंधन, श्रम और आयात शुल्क से संबंधित बढ़ती लागत का उल्लेख किया है। मजबूत माँग के साथ ये सभी कारक कंपनियों को अपनी बढ़ी हुई लागत का बोझ अंतिम उपभोक्ताओं पर डालने का अवसर देते हैं। CPI के आँकड़े प्रत्येक कारण के योगदान को अलग-अलग नहीं बताते, लेकिन कारोबारियों से मिलने वाले संकेत इस बात की पुष्टि करते हैं कि महँगाई का दबाव कई क्षेत्रों में फैल रहा है।

इस संदर्भ में, अमेरिका की दूसरी तिमाही के GDP का अंतिम अनुमान भी याद रखना उपयोगी होगा। अंतिम आँकड़ों के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 2.2% बढ़ी, जबकि पहले 1.5% की वृद्धि बताई गई थी। उपभोग और निवेश के आँकड़ों में संशोधन करके उन्हें बढ़ाया गया। वहीं, घरेलू निजी खरीदारों को होने वाली अंतिम बिक्री में 4.6% की वृद्धि दर्ज की गई।

मजबूत माँग फेडरल रिजर्व को एक बार फिर महँगाई के जोखिमों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देती है, खासकर तब जब सितंबर की रिपोर्ट में हेडलाइन और कोर CPI दोनों में तेजी दिखाई दी है। इस पृष्ठभूमि में, मेरी राय में, कमजोर नॉनफार्म पेरोल्स (Nonfarm Payrolls) अब ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के पक्ष में कोई बहुत ठोस तर्क नहीं रह गए हैं।

CME FedWatch के आँकड़े बताते हैं कि फेड के अगले कदमों को लेकर सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें आज फिर बढ़ी हैं। अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना 22.1% से बढ़कर 47.7% हो गई। वहीं, साल के अंत तक कुल 50 बेसिस पॉइंट की दर वृद्धि की संभावना 18.7% से बढ़कर 32.2% हो गई।

यह कुल 50 बेसिस पॉइंट की वृद्धि अक्टूबर और दिसंबर में दो अलग-अलग चरणों में की जा सकती है।

इस प्रकार, सितंबर के CPI आँकड़ों ने सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को मजबूत किया है और डॉलर को समर्थन दिया है। हालाँकि, डॉलर की आगे की दिशा काफी हद तक उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

यदि PPI के आँकड़े भी उम्मीद से अधिक आते हैं, विशेष रूप से कोर PPI के आँकड़े, तो बाजार और फेडरल रिजर्व को मौद्रिक नीति और सख्त करने के पक्ष में एक और तर्क मिलेगा। ऐसी स्थिति में डॉलर को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है और EUR/USD में बिकवाली करने वालों को गिरावट आगे बढ़ाने के लिए नया प्रोत्साहन मिलेगा।

मेरी राय में, इस करेंसी पेयर में अभी और गिरावट की गुंजाइश है। इसलिए कीमत में सुधार के दौरान होने वाली अस्थायी तेजी (Corrective Pullbacks) शॉर्ट पोजीशन यानी बिकवाली की पोजीशन खोलने के उचित अवसर हो सकते हैं।

तकनीकी विश्लेषण

H4 (चार घंटे), D1 (दैनिक), W1 (साप्ताहिक) और MN (मासिक) टाइमफ्रेम पर EUR/USD या तो बोलिंगर बैंड की निचली रेखा पर है या मध्य और निचली रेखाओं के बीच कारोबार कर रहा है।

चार घंटे, दैनिक और साप्ताहिक चार्ट पर कीमत इचिमोकू (Ichimoku) की सभी रेखाओं से नीचे है। H4 और D1 चार्ट पर इससे मंदी का संकेत देने वाला "परेड ऑफ लाइन्स" (Parade of Lines) पैटर्न बना है।

  • निकटतम लक्ष्य: 1.1100 — दैनिक चार्ट पर बोलिंगर बैंड की निचली रेखा।
  • मुख्य लक्ष्य: 1.1030 — मासिक चार्ट पर बोलिंगर बैंड की निचली रेखा।

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