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14.10.2026 05:51 AM
EUR/JPY: मूल्य विश्लेषण और पूर्वानुमान — फ्रांस में राजनीतिक अनिश्चितता से यूरो पर दबाव

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मंगलवार को मामूली बढ़त के बावजूद, करेंसी पेयर पर दबाव बना हुआ है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा आगे भी मौद्रिक नीति सख्त किए जाने की उम्मीदों के बीच जापानी येन मजबूत हो रहा है, जबकि फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता और यूरोज़ोन में बढ़ती महंगाई की चिंताओं के कारण यूरो संघर्ष कर रहा है।

जर्मनी के ताज़ा महंगाई के आंकड़ों ने कीमतों पर लगातार बने दबाव को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय (Destatis) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (HICP) में सालाना आधार पर 3.3% की वृद्धि हुई। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा, लेकिन अगस्त के 2.9% और जुलाई के 2.8% से अधिक था, जो महंगाई में तेजी आने का संकेत देता है। मासिक आधार पर उपभोक्ता कीमतों में 0.6% की वृद्धि हुई, जबकि इससे पिछले महीने यह बढ़ोतरी 0.2% थी।

Destatis की प्रमुख रूथ ब्रांड ने कहा कि सितंबर में जर्मनी की महंगाई दर दिसंबर 2023 के बाद पहली बार 3% से ऊपर पहुंची। इसका मुख्य कारण ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि थी, जिसमें हीटिंग ऑयल और मोटर ईंधन की बढ़ती कीमतें शामिल हैं।

यह आंकड़ा ऐसे समय में जारी हुआ है, जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है और इसके कारण तेल की कीमतें ऊँची बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमतें महीने के दौरान $105 प्रति बैरल से ऊपर के उच्चतम स्तर से नीचे आ गई हैं, लेकिन अब भी $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।

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इससे यूरोपीय कंपनियों और परिवारों की लागत बढ़ जाती है। महंगी ऊर्जा और आर्थिक गतिविधियों में कमजोरी से यूरोज़ोन में स्टैगफ्लेशन (महंगाई के साथ आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार) की आशंका बढ़ जाती है। नतीजतन, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के सामने एक कठिन चुनौती है: उसे आर्थिक विकास को और नुकसान पहुँचाए बिना महंगाई पर काबू पाना है। जर्मनी में महंगाई की तेज रफ्तार केंद्रीय बैंक को अधिक सतर्क मौद्रिक नीति बनाए रखने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे यूरो में आगे होने वाली गिरावट सीमित हो सकती है।

इसी बीच, फ्रांस में राजनीतिक अनिश्चितता लगातार यूरो की अपील को कमजोर कर रही है। बढ़ते सार्वजनिक कर्ज और राजकोषीय स्थिति को मजबूत करने के उपायों के लिए संसद में समर्थन जुटाने में आ रही कठिनाइयों के कारण फ्रांस की उधारी लागत उस स्तर पर पहुँच गई है, जो पिछली बार यूरोपीय संप्रभु ऋण संकट के दौरान देखी गई थी। सार्वजनिक शिक्षा पर अधिक खर्च की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शनों ने अस्थिरता का एक और कारण जोड़ दिया है।

करेंसी पेयर के दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें तथा मुद्रा को स्थिर करने के लिए जापानी अधिकारियों के संभावित हस्तक्षेप की अटकलें येन को समर्थन दे रही हैं।

मंगलवार को जारी आंकड़ों से पता चला कि सितंबर में जापान का उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) सालाना आधार पर 6.8% बढ़ा। हालांकि यह वृद्धि अगस्त की तुलना में धीमी रही, लेकिन यह आंकड़ा महंगाई के लगातार बने दबाव को दर्शाता है और BoJ द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में आगे कदम उठाने की उम्मीदों को मजबूत करता है।

इन परिस्थितियों में, EUR/JPY करेंसी पेयर दो विपरीत ताकतों के बीच फँसा हुआ है: यूरोप में लगातार बना महंगाई का दबाव और जापान में मौद्रिक नीति सख्त किए जाने की उम्मीदें।

जर्मनी में कीमतों में तेज वृद्धि ECB के सतर्क रुख को मजबूत करके यूरो को समर्थन दे सकती है। लेकिन फ्रांस में राजनीतिक जोखिम और येन की लगातार बनी मांग इस करेंसी पेयर की बढ़त को सीमित कर रही है।

तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से, करेंसी पेयर को 9-दिवसीय EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। इसके ऊपर, 177.75 के करीब स्थित 14-दिवसीय EMA प्रतिरोध का काम करेगा। शुरुआती मंदी के दबाव को कम करने के लिए करेंसी पेयर को 20-दिवसीय SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) और 179.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करना होगा। फिलहाल, ऑसिलेटर नकारात्मक संकेत दे रहे हैं और बिकवाली करने वालों की स्थिति मजबूत है। मौजूदा परिस्थितियों में कीमत के नीचे जाने की संभावना अधिक दिखाई देती है।

नीचे दी गई तालिका में मंगलवार को प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले यूरो में हुए प्रतिशत बदलाव दिखाए गए हैं। यूरो की सबसे उल्लेखनीय मजबूती अमेरिकी डॉलर के मुकाबले देखने को मिली।

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