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गुरुवार को कोई महत्वपूर्ण मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) रिपोर्ट निर्धारित नहीं है। यदि हम उन रिपोर्टों की बात करें जिनके बाजार में पहले से कीमतों में शामिल (Priced In) होने की कम से कम सैद्धांतिक संभावना होती है, तो आज अमेरिका में बेरोजगारी दावों (Jobless Claims) की रिपोर्ट जारी होगी।
हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में भी ट्रेडर्स इस रिपोर्ट को अक्सर नजरअंदाज करते हैं, क्योंकि इसे द्वितीयक महत्व (Secondary Importance) वाली रिपोर्ट माना जाता है।
आज यूरोजोन, जर्मनी या अमेरिका में कोई भी महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट निर्धारित नहीं है।
गुरुवार की महत्वपूर्ण फंडामेंटल घटनाओं में यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की बैठक सबसे प्रमुख है, लेकिन संभव है कि बाजार इसे भी नजरअंदाज कर दे।
याद रखना चाहिए कि लगभग डेढ़ महीने पहले बढ़ती महंगाई के बीच ECB प्रमुख केंद्रीय बैंकों में सबसे पहले मौद्रिक नीति को सख्त (Tightening) करने वाला बैंक बना था, लेकिन बाजार ने इस तथ्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया था।
इसके बजाय, बाजार ने साल के अंत तक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि की संभावना को पहले ही कीमतों में शामिल करना शुरू कर दिया था, जबकि ऐसी दर वृद्धि शायद हो भी नहीं सकती।
आज ECB द्वारा ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना लगभग 90% है, इसलिए ट्रेडर्स के पास फिर से प्रतिक्रिया देने के लिए कोई बड़ा कारण नहीं होगा।
क्रिस्टीन लागार्ड (Christine Lagarde) का भाषण भी शायद बाजार में कोई बड़ा बदलाव नहीं लाएगा, क्योंकि उनके भाषणों में अक्सर भविष्य की मौद्रिक नीति में बदलाव को लेकर स्पष्ट वादे या संकेत नहीं दिए जाते।
भू-राजनीतिक स्थिति लगातार खराब दिशा में बदल रही है।
एक और युद्धविराम (Ceasefire) टूट चुका है और अमेरिका तथा ईरान के बीच फिर से संघर्ष शुरू हो गया है। फिलहाल कोई बातचीत या वार्ता नहीं चल रही है।
डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे हैं, जबकि तेहरान किसी भी समय बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab-el-Mandeb Strait) को बंद करने की प्रतिक्रिया दे सकता है।
यमन के हूती विद्रोहियों (Yemeni Houthis) ने पहले ही सऊदी अरब की नाकेबंदी की घोषणा कर दी है, जो संभवतः लाल सागर (Red Sea) की नाकेबंदी की तैयारी का संकेत हो सकता है।
समय के साथ स्थिति और अधिक तनावपूर्ण होती जा रही है, जिससे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है।
सप्ताह के अंतिम से पहले वाले ट्रेडिंग दिन में:
EUR/USD:
GBP/USD:
दोनों मुद्रा जोड़ियों में वोलैटिलिटी कम रहने की संभावना है।
नए ट्रेडर्स को याद रखना चाहिए कि हर ट्रेड लाभदायक नहीं होता।
लंबे समय तक सफल ट्रेडिंग के लिए:
बहुत जरूरी है।